Generative AI Failure: MIT स्टडी ने AI हाइप को झटका दिया!

By: Subodh Shah

On: Saturday, August 23, 2025 9:42 AM

Generative AI Failure: MIT

Generative AI Failure: MIT स्टडी ने AI हाइप की दास्तान खोली

आज की डिजिटल दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर हर कोई उत्साहित था। निवेशक, कंपनियां और टेक्नोलॉजी प्रेमी यह मान रहे थे कि AI हमारी कार्यशैली, उत्पादकता और आर्थिक संभावनाओं को पूरी तरह बदल देगा। लेकिन MIT की नई स्टडी ने इस उम्मीद को झटका दिया है।

शोध के अनुसार, 95 प्रतिशत जनरेटिव AI प्रोजेक्ट्स अपने वादों के मुताबिक काम करने में असफल रहे हैं, जिससे निवेशकों और कंपनियों में चिंता की लहर दौड़ गई है।

MIT report: 95% of generative AI pilots at companies are failing | Fortune
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AI को लंबे समय से कार्यस्थल में उत्पादकता बढ़ाने वाला जादू माना गया। निवेशकों ने सोचा कि AI से कर्मचारी अधिक कुशल होंगे और कंपनियों के मुनाफे में तेजी आएगी। लेकिन MIT के शोधकर्ताओं ने पाया कि वास्तविकता इससे बहुत पीछे है।

परीक्षणों में यह दिखा कि सबसे उन्नत AI सिस्टम भी केवल 30 प्रतिशत कार्यालय कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर पाते हैं। अप्रैल 2025 तक, “AI एजेंट्स” — जिन्हें स्वायत्त डिजिटल कार्यकर्ता के रूप में प्रचारित किया गया था — केवल 24 प्रतिशत वास्तविक नौकरियां पूरी कर पाए।

AI हाइप और कर्मचारी निराशा

कर्मचारी भी इस असंतुलन को महसूस कर रहे हैं। GoTo और Workplace Intelligence की रिसर्च के अनुसार, 62 प्रतिशत कर्मचारी मानते हैं कि AI को बहुत अधिक हाइप किया गया है। कई IT मैनेजर्स भी मानते हैं कि उनके संगठन में AI अपनाने की कोई ठोस रणनीति नहीं है। सुरक्षा, एकीकरण और तकनीकी बाधाएं अब भी प्रमुख चुनौतियां हैं।

कंपनियों को अपने AI निवेश और रणनीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। वादा और वास्तविकता के बीच यह अंतर केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के भरोसे को भी प्रभावित कर रहा है।

AI–AI बायस: मानव श्रमिकों का खतरा

शोधकर्ताओं ने “AI–AI बायस” की पहचान की है। बड़े भाषा मॉडल जैसे GPT-4 और Meta का Llama 3.1 मानव-निर्मित कंटेंट की तुलना में AI-निर्मित कंटेंट को प्राथमिकता देते हैं। यह पैटर्न उत्पाद विज्ञापनों, अकादमिक सारांशों और मूवी रिव्यू में भी देखा गया।

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Jan Kulveit ने चेतावनी दी कि यह बायस आर्थिक अवसरों को बदल सकता है और मानव श्रमिकों को किनारे कर सकता है। उनका कहना है, “AI एजेंट्स वाली अर्थव्यवस्था में इंसान होना मुश्किल होगा।” उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर कोई कर्मचारी संदेह करता है कि उसका काम किसी AI द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा, तो उसे पहले AI टूल्स के माध्यम से जाँच करना चाहिए।

Generative AI Failure और भविष्य की चुनौतियां

MIT की स्टडी और अन्य रिसर्च यह दिखाती हैं कि Generative AI Failure अब निवेशकों और कंपनियों के लिए चेतावनी की घंटी है। AI ने वादों के मुताबिक वास्तविक दुनिया में उत्पादकता बढ़ाने में सफलता नहीं पाई। अगर निकट भविष्य में सुधार नहीं होता, तो Silicon Valley का AI “चमत्कार” केवल बुलबुला साबित हो सकता है।

कंपनियों और कर्मचारियों दोनों के लिए यह सोचने का समय है कि क्या AI वास्तव में एक क्रांतिकारी तकनीक है या सिर्फ निवेशकों के उत्साह से फूला हुआ बुलबुला। आने वाले साल यह तय करेंगे कि AI का वादा कितनी हद तक सच है।

Understanding AI & Generative AI: The Future of Intelligent
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Generative AI Failure – QnA

Q1: Generative AI Failure का क्या मतलब है?

Answer: इसका मतलब है कि अधिकांश जनरेटिव AI प्रोजेक्ट्स अपने वादों के अनुसार कार्य नहीं कर रहे हैं और वास्तविक दुनिया में अपेक्षित उत्पादकता बढ़ोतरी नहीं दे पा रहे।

Q2: MIT स्टडी के अनुसार AI प्रोजेक्ट्स कितने प्रतिशत असफल हैं?

Answer: MIT की स्टडी के अनुसार, लगभग 95 प्रतिशत जनरेटिव AI प्रोजेक्ट्स अपने वादों में असफल रहे हैं।

Q3: AI–AI बायस क्या है?

Answer: AI–AI बायस वह पैटर्न है जिसमें बड़े भाषा मॉडल जैसे GPT-4 या Meta Llama 3.1 मानव-निर्मित कंटेंट की तुलना में AI-निर्मित कंटेंट को प्राथमिकता देते हैं। यह उत्पाद विज्ञापनों, अकादमिक सारांश और मूवी रिव्यू में भी देखा गया।

Q4: क्या AI अब भी कार्यस्थल में उत्पादकता बढ़ा रहा है?

Answer: वास्तविकता में AI अभी भी वादा के मुताबिक कार्यस्थल की उत्पादकता बढ़ाने में सफल नहीं है। MIT स्टडी में यह पाया गया कि AI एजेंट्स केवल 24-30 प्रतिशत वास्तविक कार्यों को पूरा कर पाए हैं।

Q5: कर्मचारियों और कंपनियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

Answer: कर्मचारियों और कंपनियों को AI निवेश और कार्यप्रणाली पर पुनर्विचार करना चाहिए। कर्मचारियों को सुझाव दिया गया है कि अगर उनका काम किसी AI द्वारा मूल्यांकन होगा, तो पहले AI टूल्स के माध्यम से जाँच कर लें।

Disclaimer: यह लेख केवल सूचना और समाचार उद्देश्य के लिए है। इसमें दी गई जानकारी MIT की स्टडी और विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर आधारित है। निवेश या व्यवसाय निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञों से परामर्श अवश्य लें।

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Subodh Shah

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