हरतालिका तीज का पर्व हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह पर्व खासकर कुंवारी लड़कियों और सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है।

Hartalika Teej 2025 का पंचांग और शुभ मुहूर्त
तिथि: शुक्ल तृतीया
मास: भाद्रपद
दिन: मंगलवार
संवत: 2082
तृतीया तिथि प्रारंभ: 25 अगस्त 2025, दोपहर 12:34 बजे
तृतीया तिथि समाप्त: 26 अगस्त 2025, दोपहर 01:54 बजे
योग: साध्य, दोपहर 12:09 बजे तक
करण: गरज, दोपहर 01:54 बजे तक
करण (अगली तिथि): वणिजा, 27 अगस्त, रात्रि 02:46 बजे तक
सूर्योदय: सुबह 05:56 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:49 बजे
चंद्रमा उदय: सुबह 08:33 बजे
चंद्रमा अस्त: रात 08:29 बजे
सूर्य राशि: सिंह
चंद्र राशि: कन्या
पक्ष: शुक्ल
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:57 से दोपहर 12:48 तक
अमृत काल: 27 अगस्त, रात्रि 11:30 से दोपहर 01:15 तक
राहुकाल: दोपहर 03:36 से शाम 05:13 तक
गुलिकाल: दोपहर 12:23 से 01:59 तक
यमगण्ड: प्रातः 09:09 से 10:46 तक
हस्त नक्षत्र: पूर्ण रात्रि
नक्षत्र स्वामी: चंद्रमा
नक्षत्र सामान्य विशेषताएं: साहसी, दानशील, परिश्रमी, ऊर्जावान, बुद्धिमान
Also read
Hartalika Teej का धार्मिक महत्व
Hartalika Teej माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा का पर्व है। कथा अनुसार माता पार्वती की सखियों ने उन्हें जंगल में ले जाकर यह व्रत करने के लिए प्रेरित किया ताकि उनका विवाह पिता के इच्छानुसार न हो। इस व्रत को करने से वैवाहिक सुख, संतान प्राप्ति और पारिवारिक सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
Hartalika Teej पूजा विधि
व्रत करने वाली महिलाएं प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें। रेत या मिट्टी से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमाएं बनाकर साफ़-सुथरे स्थान पर स्थापित करें। दीपक, अगरबत्ती और फूलों से पूजा प्रारंभ करें। व्रत का संकल्प लेकर माता पार्वती और भगवान शिव से वैवाहिक सुख और संतान प्राप्ति की कामना करें। पूजा के दौरान Hartalika Teej की कथा का वाचन करें। अंत में प्रतिमाओं के सामने दीपक जलाएं, भोग अर्पित करें और आरती करें।
सुबह का समय पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है, लेकिन प्रदोष काल में भी पूजा की जा सकती है। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में इसे गौरी हब्बा के नाम से भी जाना जाता है। महिलाएं ‘स्वर्ण गौरी व्रत’ करके सुखी वैवाहिक जीवन और संतान प्राप्ति के लिए आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।

Hartalika Teej: भक्ति और भावनाओं का पर्व
Hartalika Teej केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की आस्था, धैर्य और समर्पण का प्रतीक भी है। इस दिन का उपवास और पूजा भावनाओं को सजीव करते हैं। Hartalika Teej महिलाओं को जीवन में शक्ति, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है, और उनके परिवार में खुशहाली लाता है।
Disclaimer: यह लेख पंचांग, धार्मिक मान्यताओं और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। पाठक इसे जानकारी और आस्था के रूप में ही ग्रहण करें।




