SL Bhyrappa Death News
भारतीय साहित्य आज एक ऐसे महान व्यक्तित्व को याद कर रहा है, जिसने केवल कन्नड़ साहित्य को ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक और बौद्धिक धरोहर को समृद्ध किया।
वरिष्ठ साहित्यकार और पद्म भूषण सम्मानित कादंबरीकार एस. एल. भैरप्पा का निधन साहित्य प्रेमियों और विद्वानों के लिए गहरा आघात है। उनके विचार और रचनाएँ पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की है।
SL Bhyrappa Death News – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक संदेश में लिखा, “एस. एल. भैरप्पा देश की आत्मसाक्षी को झकझोरा और भारत की आत्मा का गहरा अध्ययन करने वाले महान व्यक्ति थे। उनके निधन से हम एक अमूल्य धरोहर खो बैठे हैं।” मोदी ने कहा कि भैरप्पा के कृतित्व ने समाज को सवाल पूछने, सोचने और नए दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उनके विचार और लेखन आने वाले वर्षों में भी साहित्य प्रेमियों और छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। भैरप्पा की रचनाओं ने इतिहास, दर्शन और सामाजिक विषयों को गहराई से समझने का अवसर प्रदान किया।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और अन्य गण्यमान्य व्यक्तियों का शोक
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया पर कहा, “भैरप्पा जी का निधन कन्नड़ साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी आत्मा को शांति मिले।”
साथ ही केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने भी उनके योगदान की सराहना की और लिखा कि भैरप्पा की कादंबरियों ने पाठकों के दृष्टिकोण को बदल दिया और साहित्य को नया आयाम दिया।
SL Bhyrappa Death News – साहित्यिक योगदान और विरासत
एस. एल. भैरप्पा का साहित्यिक योगदान अद्वितीय है। उन्होंने महाभारत और रामायण जैसी कथाओं को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया। उनके विचारशील और साहसिक लेखन ने कन्नड़ साहित्य को समृद्ध किया और भारतीय समाज को सोचने के लिए प्रेरित किया।
भैरप्पा का जन्म हासन जिले में हुआ और उन्होंने कन्नड़ भाषा में ऐसे साहित्यिक कृतियाँ रचीं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक साबित होंगी। उनके लेखन में इतिहास, दर्शन और सामाजिक मूल्यों की गहरी समझ झलकती है। उनके निधन से साहित्य जगत ने एक महान विचारक और लेखक खो दिया।
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FAQs: SL Bhyrappa Death News
Q1: SL Bhyrappa का निधन कब हुआ?
वरिष्ठ साहित्यकार और पद्म भूषण सम्मानित लेखक SL Bhyrappa का निधन 24 सितंबर 2025 को हुआ।
Q2: SL Bhyrappa कौन थे और उनका योगदान क्या था?
SL Bhyrappa कन्नड़ साहित्य के महान लेखक और विचारक थे। उन्होंने भारतीय इतिहास, दर्शन और समाज के विषयों पर गहन शोध किया। उनकी रचनाओं ने साहित्य और संस्कृति में अमूल्य योगदान दिया।
Q3: प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भैरप्पा जी ने भारत की आत्मा का गहरा अध्ययन किया और समाज को सोचने-समझने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी उनके योगदान की सराहना करते हुए शोक व्यक्त किया।
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