AI के कारण कंपनियां फिर लौटा रहीं हैं In-Person Interviews
आज के डिजिटल दौर में जहां हर काम ऑनलाइन हो रहा है, वहां नौकरी के इंटरव्यू भी लंबे समय से वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर हो रहे थे। इससे कंपनियों और उम्मीदवारों दोनों को समय और पैसे की बचत हो रही थी। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। कई बड़ी टेक कंपनियां, जो पहले पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन करती थीं, अब फिर से आमने-सामने इंटरव्यू को वापस ला रही हैं। वजह है AI in Recruitment का बढ़ता दुरुपयोग।

पिछले कुछ महीनों में सामने आया है कि कई उम्मीदवार ऑनलाइन इंटरव्यू के दौरान AI टूल्स का इस्तेमाल करके उत्तर दे रहे हैं, कोडिंग टेस्ट करा रहे हैं, और यहां तक कि डीपफेक तकनीक से किसी और की पहचान में खुद को पेश कर रहे हैं। इससे न सिर्फ सही टैलेंट को पहचानना मुश्किल हो गया है, बल्कि कंपनियों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगा है।
AI से बढ़ रही है इंटरव्यू में धोखाधड़ी
एक रिपोर्ट के अनुसार, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और प्रोग्रामिंग जैसी रिमोट जॉब्स में यह समस्या सबसे ज्यादा दिख रही है। कुछ उम्मीदवार स्क्रीन के पीछे रियल-टाइम AI की मदद से टेस्ट दे रहे हैं, जिससे वे बिना असली स्किल के भी पास हो जाते हैं। इसके अलावा, AI-सक्षम टूल्स से हजारों जॉब्स पर एक साथ आवेदन करना, रिज्यूमे तैयार करना, और इंटरव्यू में नकली पहचान बनाना अब आसान हो गया है।
FBI ने हाल ही में चेतावनी दी कि कुछ उत्तर कोरियाई ऑपरेटिव्स अमेरिकी पहचान चुराकर रिमोट जॉब्स पाने की कोशिश कर रहे हैं। Gartner की एक स्टडी के मुताबिक, 3,000 जॉब सीकर्स में से 6% ने माना कि उन्होंने इंटरव्यू में धोखा किया है, और 2028 तक दुनियाभर में हर चार में से एक उम्मीदवार का प्रोफाइल नकली हो सकता है।
टेक दिग्गजों के सख्त कदम
Google, Cisco और McKinsey जैसी कंपनियों ने भर्ती प्रक्रिया में कम से कम एक राउंड आमने-सामने इंटरव्यू को जरूरी कर दिया है। Google के CEO सुंदर पिचाई ने भी इस पर जोर देते हुए कहा कि यह कदम असली स्किल्स और काबिलियत को परखने में मदद करेगा।
Cisco की चीफ पीपल ऑफिसर केली जोन्स के मुताबिक, कई बार जैसे ही इन-पर्सन राउंड की घोषणा होती है, संदिग्ध उम्मीदवार खुद ही चुपचाप पीछे हट जाते हैं।

भर्ती प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने की कोशिश
अब कंपनियां डिजिटल बैकग्राउंड चेक, डीपफेक डिटेक्शन और AI-आधारित वेरिफिकेशन टूल्स का इस्तेमाल कर रही हैं। इन तकनीकों का उद्देश्य सिर्फ धोखाधड़ी को रोकना ही नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि असली टैलेंट को सही मौका मिले।
AI के दौर में पारदर्शिता की जरूरत
AI in Recruitment एक दोधारी तलवार की तरह है—एक तरफ यह भर्ती प्रक्रिया को तेज और आसान बना सकता है, वहीं दूसरी तरफ इसके गलत इस्तेमाल से कंपनियों को बड़ा नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में सख्त नियम और पारदर्शी प्रक्रियाएं अपनाना अब समय की जरूरत बन गई है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सारी जानकारी सार्वजनिक रिपोर्ट्स और समाचार स्रोतों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है, न कि किसी व्यक्ति या संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाना।
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