टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए यह बड़ी राहत की खबर है। हर साल की तरह इस बार भी Tax Audit Report Filing की आखिरी तारीख नजदीक आते ही तनाव और दबाव बढ़ रहा था।
कारोबारियों और टैक्स प्रोफेशनल्स दोनों को लग रहा था कि इतने कम समय में सभी रिपोर्ट्स दाखिल करना लगभग असंभव होगा। इसी बीच CBDT ने सभी की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 से 31 अक्टूबर 2025 कर दी है।

Why CBDT extended Tax Audit Report Filing due date?
CBDT के अनुसार, इस बार बड़ी संख्या में टैक्स प्रोफेशनल्स और एसोसिएशन्स ने अनुरोध किया था कि रिपोर्ट दाखिल करने के लिए थोड़ा और समय दिया जाए। वजह साफ थी—देश के कई हिस्सों में बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं ने कामकाज को प्रभावित किया।
CBDT ने यह भी स्पष्ट किया है कि Income Tax e-filing portal पूरी तरह स्थिर और तेज़ी से काम कर रहा है। 24 सितंबर तक 4.02 लाख टैक्स ऑडिट रिपोर्ट्स जमा हो चुकी थीं और सिर्फ एक दिन में 60,000 से अधिक रिपोर्ट्स फाइल हुईं। इसके बावजूद प्रोफेशनल्स की मुश्किलों को देखते हुए तारीख आगे बढ़ाना ज़रूरी माना गया।
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Who needs to file Tax Audit Report?
हर टैक्सपेयर को Tax Audit Report Filing under Section 44AB करना जरूरी नहीं होता। यह केवल कुछ विशेष श्रेणियों के लिए अनिवार्य है, जैसे:
- वे बिज़नेस जिनका सालाना टर्नओवर 1 करोड़ रुपये से अधिक है (अगर कैश ट्रांजैक्शन 5% या उससे कम हो तो सीमा 10 करोड़ हो जाती है)।
- वे प्रोफेशनल्स जिनकी सालाना ग्रॉस रिसीट 50 लाख रुपये से ऊपर है।
- वे लोग जो Presumptive Taxation Scheme (44AD/44ADA/44AE) में आते हैं लेकिन तय मुनाफे से कम प्रॉफिट दिखाते हैं और उनकी इनकम बेसिक एग्ज़ेम्प्शन लिमिट से ज्यादा है।
Penalty for late Tax Audit Report Filing
अगर कोई टैक्सपेयर 31 अक्टूबर 2025 तक भी अपनी Tax Audit Report Filing पूरी नहीं करता है, तो उस पर धारा 271B के तहत पेनल्टी लग सकती है।
यह पेनल्टी आपके टर्नओवर या ग्रॉस रिसीट का 0.5% तक हो सकती है, जिसकी अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये है। हालांकि, अगर आपके पास देरी का वाजिब कारण है—जैसे गंभीर बीमारी, प्राकृतिक आपदा या किसी तकनीकी दिक्कत—तो टैक्स अधिकारी पेनल्टी माफ भी कर सकते हैं।

Importance of CBDT Tax Audit Report Filing extension
इस फैसले को टैक्स प्रोफेशनल्स और बिज़नेस कम्युनिटी ने राहत भरा कदम बताया है। 15 सितंबर तक इंडिविजुअल ITR की आखिरी तारीख थी, और उसके तुरंत बाद टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने का दबाव अचानक बहुत बढ़ गया।
कम समय में लाखों रिपोर्ट्स अपलोड करना लगभग असंभव था। अब जब तारीख 31 अक्टूबर 2025 तक बढ़ा दी गई है, तो टैक्स प्रोफेशनल्स और बिज़नेस मालिक दोनों ही बिना घबराहट और अधिक सटीकता के साथ अपनी रिपोर्ट्स फाइल कर पाएंगे।
CBDT का यह फैसला न सिर्फ टैक्सपेयर्स बल्कि प्रोफेशनल्स के लिए भी बड़ी राहत लेकर आया है। यह दिखाता है कि सरकार टैक्स सिस्टम को आसान और व्यावहारिक बनाने के लिए संवेदनशील रवैया अपना रही है। अब टैक्सपेयर्स को सलाह यही है कि आखिरी समय का इंतजार न करें और समय रहते अपनी Tax Audit Report Filing पूरी करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। टैक्स से जुड़ा कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स सलाहकार से व्यक्तिगत सलाह जरूर लें।





