बिहार के लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए अब उम्मीद की नई किरण जग चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में Mukhyamantri Nischay Swayam Sahayata Bhatta Scheme के विस्तार की घोषणा की है। इस योजना के तहत हर महीने बेरोजगार युवाओं के खाते में ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
क्या है मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना?
Mukhyamantri Nischay Swayam Sahayata Bhatta Scheme बिहार सरकार की सबसे लोकप्रिय कल्याणकारी योजनाओं में से एक है। पहले इसका लाभ केवल 12वीं पास बेरोजगार युवाओं को मिलता था, लेकिन अब इस योजना में ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं को भी शामिल कर लिया गया है।
इस योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि युवाओं को उनके करियर और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। अब लगभग 5 लाख से अधिक बेरोजगार युवाओं के खाते में यह राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया हुई आसान
Mukhyamantri Nischay Swayam Sahayata Bhatta Scheme के लिए आवेदन प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “New Applicant Registration” करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद ईमेल और मोबाइल नंबर पर ओटीपी मिलेगा, जिसके बाद लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरा जा सकता है।
आवेदन के बाद जरूरी दस्तावेज — जैसे 12वीं या ग्रेजुएशन की मार्कशीट, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और आवास प्रमाण पत्र — अपलोड करने होते हैं। इसके बाद DRCC (District Registration Counselling Centre) ऑफिस में दस्तावेज़ों की जांच होती है। मंजूरी मिलते ही आपके खाते में ₹1000 की राशि हर महीने आने लगती है।
युवाओं के लिए सुनहरा मौका
बिहार सरकार का यह कदम न सिर्फ आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा बल्कि युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने का आत्मविश्वास भी देगा। Mukhyamantri Nischay Swayam Sahayata Bhatta Scheme युवाओं को अपने कौशल और शिक्षा के बल पर आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। यह योजना उन लोगों के लिए एक नया आरंभ है, जो अब तक बेरोजगारी की वजह से अपने सपनों को अधूरा छोड़ चुके थे।
ESI Mental Wellness Benefit: क्या कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी मिलने लगी है मदद?
आज के समय में कर्मचारियों पर काम का दबाव, लक्ष्य पूरा करने की चिंता और निजी ज़िंदगी का असंतुलन मानसिक तनाव को बढ़ा रहा है। अभी तक Employees’ State Insurance (ESI) योजना सिर्फ़ शारीरिक बीमारियों या अस्पताल में भर्ती के इलाज तक सीमित थी। लेकिन अब एक नया बदलाव आने वाला है — ESI Mental Wellness Benefit।
सरकार ने हाल ही में National Mental Health Programme के तहत चर्चा शुरू की है कि ESI अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं भी शामिल की जाएं। इसका मतलब यह है कि जल्द ही कर्मचारियों को psychologist counselling, stress management therapy और psychiatric medicines जैसी सुविधाएं भी ESI कार्ड से मिल सकती हैं।

2. Gig Workers और ESI: क्या Zomato, Swiggy, Uber जैसी कंपनियों के डिलीवरी पार्टनर्स को भी मिलेगा ESI कवर?
भारत में लाखों युवा आज gig economy यानी Zomato, Swiggy, Blinkit, Ola, Uber जैसी कंपनियों से जुड़े हुए हैं। ये लोग रोज़ मेहनत करते हैं, लेकिन उनके पास कोई स्थायी स्वास्थ्य सुरक्षा नहीं होती। अब सरकार इस दिशा में बड़ा कदम उठाने की सोच रही है — Gig Workers के लिए ESI Coverage।
लेबर कोड 2025 के अंतर्गत एक प्रस्ताव चल रहा है कि प्लेटफ़ॉर्म और गिग वर्कर्स को भी Employees’ State Insurance Scheme (ESI) के दायरे में लाया जाए। इसका मतलब यह हुआ कि अगर कोई डिलीवरी बॉय, ड्राइवर या फ्रीलांसर एक्सीडेंट में घायल हो जाता है या बीमार पड़ता है, तो उसका इलाज ESI हॉस्पिटल में फ्री में हो सकेगा।
Mukhyamantri Nischay Swayam Sahayata Bhatta Scheme बिहार के युवाओं के लिए सरकार की एक सशक्त पहल है, जो उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और मानसिक रूप से आत्मविश्वासी बना रही है। अगर आप भी बेरोजगार हैं और योग्य हैं, तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं।
Disclaimer:
Mukhyamantri Nischay Swayam Sahayata Bhatta Scheme यह लेख बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। समय-समय पर योजना की शर्तें और प्रक्रिया में बदलाव संभव हैं। आवेदन करने से पहले बिहार सरकार की वेबसाइट पर जाकर नवीनतम जानकारी ज़रूर देखें।
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