Trump 100% Pharma Tariff: अमेरिका और भारत पर क्या असर पड़ेगा?
दुनिया की फार्मा इंडस्ट्री में अचानक हलचल मच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि 1 अक्टूबर 2025 से अमेरिका में आने वाली सभी ब्रांडेड और पेटेंट वाली दवाओं पर 100% टैरिफ लागू किया जाएगा।
यह कदम अमेरिकी उद्योग को मजबूत करने और देश में दवा निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। लेकिन इसका असर न केवल अमेरिका पर बल्कि भारत जैसी दवा निर्यातक देशों पर भी पड़ सकता है।

ट्रंप का 100% फार्मा टैरिफ और उसका मकसद
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि केवल वही कंपनियां टैरिफ से बचेंगी, जो अमेरिका में अपने फार्मा निर्माण प्लांट का निर्माण वास्तविक रूप से शुरू कर चुकी हैं। इसका मतलब है कि कंपनियों को सिर्फ वादा करना पर्याप्त नहीं, बल्कि निर्माण का कार्य जमीन पर शुरू होना चाहिए। ट्रंप ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा, अमेरिकी रोजगार और बजट घाटा कम करने के लिए जरूरी बताया है।
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अमेरिकी फार्मा उद्योग और उपभोक्ताओं पर प्रभाव
अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा दवा आयातक देश है। अमेरिकी स्वास्थ्य प्रणाली काफी हद तक सस्ती जेनेरिक दवाओं पर निर्भर है, जिसमें भारत की दवाओं का बड़ा योगदान है। भारत अमेरिका को लगभग 45% जेनेरिक दवाएं और 15% बायोसिमिलर सप्लाई करता है। अगर टैरिफ लागू हो गया, तो अमेरिकी उपभोक्ताओं को दवाओं की कीमतों में वृद्धि, कमी और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
Trump 100% Pharma Tariff भारत पर असर: क्या होंगे चुनौतियां?
भारत अमेरिका का सबसे बड़ा जेनेरिक दवा सप्लायर है। भारतीय फार्मा कंपनियां जैसे डॉ. रेड्डीज़, सन फार्मा, लुपिन, ऑरोबिंडो, ज़ायडस लाइफसाइंसेस और ग्लैंड फार्मा अपनी कुल आय का 30–50% अमेरिका से अर्जित करती हैं। अगर यह टैरिफ लागू हुआ, तो इन कंपनियों की कमाई में 5–10% तक गिरावट आ सकती है।
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भारत अमेरिका को फार्मास्युटिकल सप्लाई का लगभग 6% हिस्सा देता है और अमेरिका में भरे जाने वाले लगभग हर दस प्रिस्क्रिप्शन में से चार भारतीय दवाओं पर निर्भर हैं। इसका मतलब यह है कि भारत की दवा कंपनियों पर असर अमेरिका के मरीजों तक भी पहुंचेगा।
Trump 100% Pharma Tariff व्यापक परिप्रेक्ष्य और वैश्विक असर
यह कदम केवल फार्मा उद्योग तक सीमित नहीं है। ट्रंप ने 1 अक्टूबर से 50% किचन कैबिनेट्स, 30% फर्नीचर और 25% भारी ट्रकों पर भी टैरिफ लागू किया है। यह नीति अमेरिकी उद्योग को मजबूत करने और विदेशी निर्भरता घटाने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है।
भारत के लिए यह नया टैरिफ अमेरिकी-भारतीय व्यापार वार्ता और पहले से लागू अमेरिकी टैरिफ के साथ चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा करता है। भारतीय कंपनियों के लिए यह समय कठिन हो सकता है, लेकिन यह अमेरिकी बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा और मजबूती बनाए रखने की चुनौती भी है।

Trump 100% Pharma Tariff – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Q&A)
Q1: Trump ने क्या घोषणा की है?
A: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 अक्टूबर 2025 से सभी ब्रांडेड और पेटेंट वाली दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, सिवाय उन कंपनियों के जो अमेरिका में निर्माण शुरू कर रही हैं।
Q2: इस फैसले का उद्देश्य क्या है?
A: इसका उद्देश्य अमेरिकी फार्मा उद्योग को मजबूत करना, देश में रोजगार बढ़ाना और विदेशी निर्भरता कम करना है।
Q3: अमेरिका में इस फैसले का असर क्या होगा?
A: अमेरिकी उपभोक्ताओं को दवाओं की कीमतों में वृद्धि, कमी और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
Q4: भारत पर इसका असर कैसे पड़ेगा?
A: भारत अमेरिका का सबसे बड़ा जेनेरिक दवा सप्लायर है। इससे भारतीय फार्मा कंपनियों की कमाई में 5–10% तक गिरावट आ सकती है।
Disclaimer:
यह लेख सार्वजनिक और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी केवल पाठकों को विश्वसनीय और तथ्यात्मक समाचार देने के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है।





